सोते समय जरूर पालन करें ये 10 नियम - रहेंगे स्वस्थ व सानंद | Must follow these 10 rules while sleeping

सोते समय जरूर पालन करें ये 10 नियम - रहेंगे स्वस्थ व सानंद | Must follow these 10 rules while sleeping

स्वस्थ तथा सुखी जीवन यापन के लिए जितना महत्व संतुलित भोजन, स्वच्छता, नियमित दिनचर्या, व्यायाम इत्यादि का है उसी प्रकार नींद का भी है. अच्छा से अच्छा स्वास्थ्य भी गड़बड़ हो जाता है यदि कुछ दिन ठीक से नींद न ली जाये. निंद्रा में अनियमितता से आपके शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

नींद से शरीर और मस्तिष्क को सुख और आराम मिलता है. कार्य की थकान मिट कर शरीर पुनः चुस्त होकर आगे श्रम करने हेतु तैयार हो जाता है.

आज की अति व्यस्त और भागदौड़ भरी जिंदगी में अनिद्रा एक आम समस्या बन गयी है. लाखों लोग इससे ग्रस्त हैं. अनिद्रा की समस्या आगे चलकर अनेक मानसिक और शारीरिक रोगों का कारण बनती है.

परन्तु यदि हम अपनी जीवन शैली में कुछ सुधार कर लें और कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें तो अवश्य ही इस तरह की समस्याओं से बच सकते हैं. आपके अच्छे स्वास्थ्य और ताजगी भरे जीवन के लिए बहुत आवश्यक है कि शयन से सम्बंधित कुछ सावधानियाँ और गतिविधियां अमल में लायें:

  • मध्य रात्रि के पूर्व अवश्य सो जाना चाहिए. मध्य रात्रि के पूर्व ली गयी निंद्रा अधिक स्फूर्ति और ताजगी प्रदान करती है.
  • नींद के समय से दो या ढाई घंटे पूर्व ही भोजन कर लेना चाहिए.
  • रात्रि को भोजन में गरिष्ठ पदार्थो की अपेक्षा हल्का भोजन, दूध या फल लेना चाहिए.
  • शयन कक्ष हवादार होना चाहिए जहाँ शुद्ध और ताजी हवा आती हो. साथ ही वातावरण शांत हो.
  • सोते समय चुस्त कपड़े न पहनें. ठण्ड हो तो ओढने का पर्याप्त प्रबंध रहे.
  • मुँह ढक कर नहीं सोना चाहिए, इससे नींद में बाधा पड़ती है. यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकर है.
  • सोने से पूर्व ठंडे पानी से हाथ पैर व मुँह धो लें, यदि परिश्रम का कोई काम किया है तो गरम पानी से स्नान कर लें.
  • निंद्रा का एक निश्चित समय होना चाहिए कभी 9 बजे, कभी 12 बजे तो कभी 2 बजे यह ठीक नहीं है. 
  • सोने के पूर्व कोई उत्तेजक पदार्थ सिगरेट, चाय इत्यादि का प्रयोग नहीं करें. इनसे स्नायविक उत्तेजना उत्पन्न होकर नींद में बाधा उत्पन्न करती है.
  • सायंकालीन भोजन के बाद कुछ मंद मंद टहलने से भी थोड़ी थकावट आकर बढ़िया नींद आ जाती है.
  • सोने के पूर्व अधिक समय तक टेलीविज़न या फ़िल्में न देखें. इससे मानसिक उत्तेजना बढ़कर नींद में विघ्न उपस्थित होता है.
  • ऐसी दशा में लेटें जिससे शरीर के किसी भाग विशेष पर अधिक दवाब न पड़े तथा मांसपेशियां अपना तनाव कम कर सकें.
  • बिस्तर पर जाते जाते सारी चिंता, उद्विग्नता छोड़ कर निश्चिंतता, संतुष्टि और प्रसन्नता की मनःस्थिति बना लें. मीठी और गहरी नींद आएगी.
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