कागज कैसे बनाया जाता है?

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क्या आपको पता है कि कागज़ कैसे बनाया जाता है? आज का युग भले ही कंप्यूटर का हो लेकिन कागज की महत्ता भी बरकरार है. अपने स्कूल कॉलेज के दिनों में जिन पुस्तकों और कॉपियों का आप इस्तेमाल करते थे और आज भी विभिन्न कार्यों में आप जिन कागजो का उपयोग करते है, वो कागज कहाँ से आता है? हो सकता है इसका उत्तर आपको ज्ञात हो पर शायद अभी यह जानना बाकी है कि ये कागज कैसे बनाया जाता है.

कागज कैसे बनाया जाता है?

कागज कैसे बनाया जाता है?

कागज एक पतला पदार्थ है जिस पर लिखा और प्रिंट किया जाता है और पैकिंग इत्यादि में भी इसका बहुत उपयोग होता है. कागज के उत्पादन के लिए सेल्यूलोस की आवश्यकता होती है.

रुई सेल्यूलोस का अच्छा स्रोत है पर इससे कागज नहीं बनाया जाता क्योंकि यह बहुत महँगा है और ज्यादातर कपड़े बनाने के काम में आता है. कागज वस्तुतः पेड़ों से बनता है.

कागज पेड़ों से क्यों बनता है? 

सेल्यूलोस एक प्रकार का कार्बोहाईड्रेड है जो पेड़ पौधों में पाया जाता है. सेल्यूलोस के रेशों को मिला कर एक पतली चद्दर का रूप दिया जाता है. सेल्यूलोस के रेशों में यह गुण होता है कि ये मिलकर एक पतली चद्दर का रूप ले सकते हैं. इसलिए कागज का निर्माण सेल्यूलोस से ही होता है और यह सेल्यूलोस पेड़ से प्राप्त होता है.

कागज बनाने की प्रक्रिया

पेड़ के तने को काट कर मशीनों द्वारा उसके छोटे - छोटे टुकड़े किये जाते हैं. इसके बाद लकड़ी के इन टुकड़ो को पानी के साथ उबाला जाता है और इससे बनने वाली लुग्दी में ब्लीच और केमिकल्स बनाये जाते हैं.

इसके बाद लुग्दी में से पानी को, मशीनों द्वारा अलग कर दिया जाता है और इस लुग्दी से पतली चद्दर बनाई जाती है जिसे सुखा कर छोटे टुकड़े में काट लिया जाता है और इस प्रकार अलग अलग आकार का कागज तैयार हो जाता है.

कागज को रिसायकल भी किया जा सकता है? 

कागज की विशेषता यह है कि इसे रिसायकल कर सकते हैं अर्थात पुराने कागज से नया कागज बना सकते हैं. ऐसे में पेड़ों को काटने की अपेक्षा पुराने कागज से नये कागज बनाने के विकल्प पर ही बल दिया जाना चाहिए. 1 टन कागज को यदि रिसाइकिल किया जाये तो लगभग 17 पेड़ों को कटने से बचाया जा सकता है. और यह तो सर्वविदित ही है कि हर एक पेड़ का हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकीय तंत्र के लिए कितनी महत्ता है.

क्या आपको पता है कि कागज़ कैसे बनाया जाता है? आज का युग भले ही कंप्यूटर का हो लेकिन कागज की महत्ता भी बरकरार है. अपने स्कूल कॉलेज के दिनों में जिन पुस्तकों और कॉपियों का आप इस्तेमाल करते थे और आज भी विभिन्न कार्यों में आप जिन कागजो का उपयोग करते है, वो कागज कहाँ से आता है? हो सकता है इसका उत्तर आपको ज्ञात हो पर शायद अभी यह जानना बाकी है कि ये कागज कैसे बनाया जाता है.

कागज कैसे बनाया जाता है?

कागज कैसे बनाया जाता है?

कागज एक पतला पदार्थ है जिस पर लिखा और प्रिंट किया जाता है और पैकिंग इत्यादि में भी इसका बहुत उपयोग होता है. कागज के उत्पादन के लिए सेल्यूलोस की आवश्यकता होती है.

रुई सेल्यूलोस का अच्छा स्रोत है पर इससे कागज नहीं बनाया जाता क्योंकि यह बहुत महँगा है और ज्यादातर कपड़े बनाने के काम में आता है. कागज वस्तुतः पेड़ों से बनता है.

कागज पेड़ों से क्यों बनता है? 

सेल्यूलोस एक प्रकार का कार्बोहाईड्रेड है जो पेड़ पौधों में पाया जाता है. सेल्यूलोस के रेशों को मिला कर एक पतली चद्दर का रूप दिया जाता है. सेल्यूलोस के रेशों में यह गुण होता है कि ये मिलकर एक पतली चद्दर का रूप ले सकते हैं. इसलिए कागज का निर्माण सेल्यूलोस से ही होता है और यह सेल्यूलोस पेड़ से प्राप्त होता है.

कागज बनाने की प्रक्रिया

पेड़ के तने को काट कर मशीनों द्वारा उसके छोटे - छोटे टुकड़े किये जाते हैं. इसके बाद लकड़ी के इन टुकड़ो को पानी के साथ उबाला जाता है और इससे बनने वाली लुग्दी में ब्लीच और केमिकल्स बनाये जाते हैं.

इसके बाद लुग्दी में से पानी को, मशीनों द्वारा अलग कर दिया जाता है और इस लुग्दी से पतली चद्दर बनाई जाती है जिसे सुखा कर छोटे टुकड़े में काट लिया जाता है और इस प्रकार अलग अलग आकार का कागज तैयार हो जाता है.

कागज को रिसायकल भी किया जा सकता है? 

कागज की विशेषता यह है कि इसे रिसायकल कर सकते हैं अर्थात पुराने कागज से नया कागज बना सकते हैं. ऐसे में पेड़ों को काटने की अपेक्षा पुराने कागज से नये कागज बनाने के विकल्प पर ही बल दिया जाना चाहिए. 1 टन कागज को यदि रिसाइकिल किया जाये तो लगभग 17 पेड़ों को कटने से बचाया जा सकता है. और यह तो सर्वविदित ही है कि हर एक पेड़ का हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकीय तंत्र के लिए कितनी महत्ता है.

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